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दर्द देखा आज

आज देखा है दर्द करीब से, हाथ मदद को उठे, कुछ कर न सके. मजबूर आँखें देखी अपनों की, तकलीफ में मुसकुरा कर आई हूँ. ऐ खुदा, इतना भी कठोर न हो, यही दुआ दिल में माँग आई हूँ. आज दर्द को करीब से देख आई हूँ आज दर्द को करीब से देख आई हूँ…. Advertisements Continue reading दर्द देखा आज