kuch ek sawaal

कोई ऐसा जिसका  नाम  लेने  की आज इज़ाज़त नहीं मुझे, उसकी याद आँखों को नम करदे तो क्या करूँ महफ़िल में हो कर भी अकेले होने एहसास दिल को परेशां कर जाए तो क्या करूँ? आँखें ढूंढती  हैं जिसे हर पल, उससे मिलने की  ख़त्म हो जाए तो क्या करूँ? ये बेकरारी तो साथ ही जायेगी मेरे पर इतनी तड़प भी अछि लगे तो इसे क्या नाम दूं? Advertisements Continue reading kuch ek sawaal