Sticky post

गुज़रते हुए पल

गुज़रते हुए हर पल को महसून किया था एक बरस के समानजाने कैसे आज एक बरस लग रहा है जैसे एक पल ही तो था छोटे क़दमों से चल के एक राह काटी जहाँ आने तकवह समां लग रहा कुछ खाली और तनहा सा शुरू किया था जब ये सफर, लम्बा था रास्ता बहुत उदासी थी दिल मेंअब वो काट गया है तो आगे का भय सा है फिर कल को ले कर न जाने हर पल तुम्हारे बिन कटेगा कैसे ऐ मित्रदिल के जिस कोने में तुम थे, वह सदा के लिए सूना ही रहेगा न दिल खोल कर होंगी बातें, न मिलना ही होगाजाने … Continue reading गुज़रते हुए पल

आशा की सीख

इक इक मोती संभाल कर जोड़े थे ज़िन्दगी के पल मैंने,क्या खबर थी तूफ़ान के आने से भिखर जाएंगे सब तूफ़ान को रोकना तो बस में न था मेरे,उलझी तूफ़ान से, फिर हार मानी यूँही थकी बैठी थी एक पुराने दरख्त की छांव में,एक नन्ही परी ने जब मेरे सर पर हाथ फेरा समझाया बहुत प्यार से, आँखों में जो आंसूं थे उन्हें पोछाजीवन रुकता नहीं कभी किसी तूफ़ान के आजाने से – बोली वहहार मान के रुकना नहीं कहलाती ज़िन्दगीउठो अंजलि, उठ चल अपनी राह पे,कई तूफ़ान आने हैं अभी,इन्हे पीछे छोड़ आगे बढ़ना है तुझे अभी हौसला मिला परी की बातों से, चल पड़ी … Continue reading आशा की सीख